Kavita / Poetry · Hindi
Featuredयाद तुम्हारी आती है
सावन की हर बारिश में, जब बिजलियां तड़तड़ती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | टप टप बारिश की बूंदे जब, मेरे कानों में आती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | पहली बारिश की भीगी मिट्टी, जब भी खुशबू में खाती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | छम छम बारिश के रोग में जब मोरनी नाचे आती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है | जब भी यह बारिश आती है, यह ताना में कर जाती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है |
